पृथ्वी लोक की समस्त धन संपदा के एकमात्र वे ही अध्यक्ष हैं। कुबेर भगवान शिव के परमप्रिय सेवक भी कहे गए हैं। इन्हें मंत्र साधना द्वारा प्रसन्न करने का विधान है। अन्य सभी मंत्रों से भिन्न, “कुबेर मंत्र को दक्षिण की और मुख करके सिद्ध करने की परंपरा है।”
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पृथ्वी लोक की समस्त धन संपदा के एकमात्र वे ही अध्यक्ष हैं। कुबेर भगवान शिव के परमप्रिय सेवक भी कहे गए हैं। इन्हें मंत्र साधना द्वारा प्रसन्न करने का विधान है। अन्य सभी मंत्रों से भिन्न, “कुबेर मंत्र को दक्षिण की और मुख करके सिद्ध करने की परंपरा है।”